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हर पढ़त के पीछे का शास्त्रीय स्रोत

बृहत्-पाराशर-होराशास्त्र

वैदिक ज्योतिष का मूल ग्रन्थ — महर्षि पाराशर का उपदेश। यही वह संग्रह है जिसे इस स्थल की प्रत्येक गणना उद्धृत करती है।

वेदिकस्पेस द्वारा सार्वजनिक-डोमेन चौखम्बा संस्करण (पं. देवचन्द्र झा) से अनूदित।

श्लोक यहाँ पूरे नहीं छापे जाते। हमारा अनुवाद वहीं दिखता है जहाँ वह किसी गणना का प्रमाण होता है — आपकी पढ़त में, निर्णय की शृंखला में, आपकी रिपोर्ट में। एक श्लोक अपने दावे के साथ प्रमाण है; वही श्लोक सूची में रखा हो तो केवल नक़ल के लिए तैयार पाठ है। सन्दर्भ हम फिर भी पूरा देते हैं, ताकि आप उसे अपनी प्रति से मिला सकें।

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    यह पृष्ठ कैसे निकलाबृहत् पाराशर होरा शास्त्र में कितने श्लोक हैं? गिना हुआ उत्तर

    हमारी पढ़तें इसी ग्रन्थ को उद्धृत करती हैं। जब आपकी रिपोर्ट में “बृ.पा.हो.शा. अध्याय 37, श्लोक 3–4” लिखा हो, तो पुस्तक यही है — और वह श्लोक वहीं छपा मिलेगा, अपने दावे के साथ।

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