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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2025-12-20

अबू धाबी पंचांग — 20 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, मूल नक्षत्र · शनिवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 07:41 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमूल · पाद 2तक 11:51 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 02:47 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकिंस्तुघ्नतक 06:44 PMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त05:39 PM
चन्द्रोदय07:24 AM
चन्द्रास्त05:44 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:41 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:25 AM – 06:13 AM
अमृत काल05:49 PM – 07:35 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:40 AM – 11:00 AM
गुलिक काल07:01 AM – 08:20 AM
यमगण्ड01:39 PM – 02:59 PM
वर्ज्यम्07:14 AM – 09:00 AM
दुर्मुहूर्त09:51 AM – 10:33 AM
दुर्मुहूर्त02:06 PM – 02:48 PM

दिन चौघड़िया

काल07:01 AM – 08:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:20 AM – 09:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:40 AM – 11:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:00 AM – 12:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:20 PM – 01:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:39 PM – 02:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:59 PM – 04:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:19 PM – 05:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:39 PM – 07:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:19 PM – 08:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:59 PM – 10:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:39 PM – 12:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:20 AM – 02:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:00 AM – 03:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:40 AM – 05:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:20 AM – 07:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle