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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2026-06-26

अबू धाबी पंचांग — 26 जून 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शुक्रवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 08:52 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रविशाखा · पाद 3तक 05:46 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसिद्धतक 10:08 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:44 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:36 AM
सूर्यास्त07:15 PM
चन्द्रोदय04:29 PM
चन्द्रास्त02:22 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:00 AM – 04:48 AM
अमृत काल07:31 AM – 09:19 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:43 AM – 12:25 PM
गुलिक काल07:18 AM – 09:00 AM
यमगण्ड03:50 PM – 05:32 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:03 AM – 11:58 AM
दुर्मुहूर्त02:42 PM – 03:36 PM

दिन चौघड़िया

चर05:36 AM – 07:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:18 AM – 09:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:00 AM – 10:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:43 AM – 12:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:25 PM – 02:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:07 PM – 03:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:50 PM – 05:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:32 PM – 07:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:15 PM – 08:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:32 PM – 09:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:50 PM – 11:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:07 PM – 12:25 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:25 AM – 01:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:43 AM – 03:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:00 AM – 04:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:18 AM – 05:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle