VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2026-08-15

अबू धाबी पंचांग — 15 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 03:59 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 1तक 01:55 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसिद्धतक 03:51 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 03:59 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:57 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय08:28 AM
चन्द्रास्त08:37 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:21 AM – 05:09 AM
अमृत काल06:44 PM – 08:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:12 AM – 10:49 AM
गुलिक काल05:57 AM – 07:34 AM
यमगण्ड02:04 PM – 03:42 PM
वर्ज्यम्09:14 AM – 10:49 AM
दुर्मुहूर्त09:25 AM – 10:17 AM
दुर्मुहूर्त02:37 PM – 03:29 PM

दिन चौघड़िया

काल05:57 AM – 07:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:34 AM – 09:12 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:12 AM – 10:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:49 AM – 12:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:27 PM – 02:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:04 PM – 03:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:42 PM – 05:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:19 PM – 06:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:57 PM – 08:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:19 PM – 09:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:42 PM – 11:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:04 PM – 12:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:27 AM – 01:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:49 AM – 03:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:12 AM – 04:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:34 AM – 05:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle