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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2026-10-20

अबू धाबी पंचांग — 20 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · मङ्गलवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 11:20 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 04:32 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशूलतक 11:20 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 11:20 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:22 AM
सूर्यास्त05:52 PM
चन्द्रोदय02:20 PM
चन्द्रास्त12:37 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:46 AM – 05:34 AM
अमृत काल05:32 AM – 07:17 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:59 PM – 04:25 PM
गुलिक काल12:07 PM – 01:33 PM
यमगण्ड09:14 AM – 10:40 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:58 AM – 11:44 AM
दुर्मुहूर्त02:02 PM – 02:48 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:22 AM – 07:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:48 AM – 09:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:14 AM – 10:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:40 AM – 12:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:07 PM – 01:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:33 PM – 02:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:59 PM – 04:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:25 PM – 05:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:52 PM – 07:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:25 PM – 08:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:59 PM – 10:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:33 PM – 12:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:07 AM – 01:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:40 AM – 03:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:14 AM – 04:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:48 AM – 06:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle