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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2026-12-01

अबू धाबी पंचांग — 1 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, मघा नक्षत्र · मङ्गलवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 09:44 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 4तक 07:30 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 10:45 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 10:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:49 AM
सूर्यास्त05:34 PM
चन्द्रोदय12:48 AM
चन्द्रास्त12:34 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:13 AM – 06:01 AM
अमृत काल05:58 AM – 07:32 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:52 PM – 04:13 PM
गुलिक काल12:11 PM – 01:32 PM
यमगण्ड09:30 AM – 10:50 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:07 AM – 11:50 AM
दुर्मुहूर्त01:59 PM – 02:42 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:49 AM – 08:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:09 AM – 09:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:30 AM – 10:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:50 AM – 12:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:11 PM – 01:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:32 PM – 02:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:52 PM – 04:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:13 PM – 05:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:34 PM – 07:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:13 PM – 08:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:52 PM – 10:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:32 PM – 12:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:11 AM – 01:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:50 AM – 03:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:30 AM – 05:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:09 AM – 06:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle