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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2026-12-16

अबू धाबी पंचांग — 16 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · बुधवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 09:16 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 3तक 12:32 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 12:16 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 08:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त05:37 PM
चन्द्रोदय11:53 AM
चन्द्रास्त11:53 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:23 AM – 06:11 AM
अमृत काल05:45 AM – 07:28 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:18 PM – 01:37 PM
गुलिक काल10:58 AM – 12:18 PM
यमगण्ड08:18 AM – 09:38 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:39 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:49 AM – 10:31 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:59 AM – 08:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:18 AM – 09:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:38 AM – 10:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:58 AM – 12:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:18 PM – 01:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:37 PM – 02:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:57 PM – 04:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:17 PM – 05:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:37 PM – 07:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:17 PM – 08:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:57 PM – 10:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:37 PM – 12:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:18 AM – 01:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:58 AM – 03:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:38 AM – 05:18 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:18 AM – 06:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle