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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2027-01-30

अबू धाबी पंचांग — 30 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 05:04 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 02:25 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगगण्डतक 02:32 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 04:11 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:05 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय01:14 AM
चन्द्रास्त12:01 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 12:58 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:29 AM – 06:17 AM
अमृत काल05:56 PM – 07:41 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:50 AM – 11:13 AM
गुलिक काल07:05 AM – 08:27 AM
यमगण्ड01:58 PM – 03:21 PM
वर्ज्यम्07:30 AM – 09:15 AM
दुर्मुहूर्त10:01 AM – 10:45 AM
दुर्मुहूर्त02:26 PM – 03:10 PM

दिन चौघड़िया

काल07:05 AM – 08:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:27 AM – 09:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:50 AM – 11:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:13 AM – 12:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:36 PM – 01:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:58 PM – 03:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:21 PM – 04:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:44 PM – 06:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:07 PM – 07:44 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:44 PM – 09:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:21 PM – 10:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:58 PM – 12:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:36 AM – 02:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:13 AM – 03:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:50 AM – 05:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:27 AM – 07:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle