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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2027-02-05

अबू धाबी पंचांग — 5 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 05:35 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 3तक 05:02 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसिद्धितक 07:03 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 05:35 PMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:02 AM
सूर्यास्त06:11 PM
चन्द्रोदय06:16 AM
चन्द्रास्त05:05 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:14 PM – 12:58 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:26 AM – 06:14 AM
अमृत काल10:53 AM – 12:41 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:12 AM – 12:36 PM
गुलिक काल08:25 AM – 09:49 AM
यमगण्ड03:23 PM – 04:47 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:29 AM – 12:14 PM
दुर्मुहूर्त02:28 PM – 03:12 PM

दिन चौघड़िया

चर07:02 AM – 08:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:25 AM – 09:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:49 AM – 11:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:12 AM – 12:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:36 PM – 02:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:00 PM – 03:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:23 PM – 04:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:47 PM – 06:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:11 PM – 07:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:47 PM – 09:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:23 PM – 11:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:00 PM – 12:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:36 AM – 02:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:12 AM – 03:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:49 AM – 05:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:25 AM – 07:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle