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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2027-03-05

अबू धाबी पंचांग — 5 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, श्रवण नक्षत्र · शुक्रवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 08:24 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रश्रवण · पाद 1तक 02:50 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगपरिघतक 01:12 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 08:24 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:41 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय04:52 AM
चन्द्रास्त03:51 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:10 PM – 12:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:05 AM – 05:53 AM
अमृत काल03:57 PM – 05:44 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:05 AM – 12:34 PM
गुलिक काल08:09 AM – 09:37 AM
यमगण्ड03:30 PM – 04:58 PM
वर्ज्यम्05:16 AM – 07:03 AM
दुर्मुहूर्त11:23 AM – 12:10 PM
दुर्मुहूर्त02:31 PM – 03:18 PM

दिन चौघड़िया

चर06:41 AM – 08:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:09 AM – 09:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:37 AM – 11:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:05 AM – 12:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:34 PM – 02:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:02 PM – 03:30 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:30 PM – 04:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:58 PM – 06:27 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:27 PM – 07:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:58 PM – 09:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:30 PM – 11:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:02 PM – 12:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:34 AM – 02:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:05 AM – 03:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:37 AM – 05:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:09 AM – 06:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle