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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2027-04-18

अबू धाबी पंचांग — 18 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · रविवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 06:12 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 1तक 03:45 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगध्रुवतक 08:28 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:12 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:58 AM
सूर्यास्त06:46 PM
चन्द्रोदय04:32 PM
चन्द्रास्त03:58 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:22 AM – 05:10 AM
अमृत काल08:46 PM – 10:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:10 PM – 06:46 PM
गुलिक काल03:34 PM – 05:10 PM
यमगण्ड12:22 PM – 01:58 PM
वर्ज्यम्11:30 AM – 01:03 PM
दुर्मुहूर्त05:03 PM – 05:54 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:58 AM – 07:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:34 AM – 09:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:10 AM – 10:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:46 AM – 12:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:22 PM – 01:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:58 PM – 03:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:34 PM – 05:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:10 PM – 06:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:46 PM – 08:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:10 PM – 09:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:34 PM – 10:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:58 PM – 12:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:22 AM – 01:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:46 AM – 03:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:10 AM – 04:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:34 AM – 05:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle