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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2027-05-22

अबू धाबी पंचांग — 22 मई 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शनिवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 05:18 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 03:20 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 08:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 05:18 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:36 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चन्द्रोदय09:08 PM
चन्द्रास्त06:40 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:00 AM – 04:48 AM
अमृत काल05:21 AM – 07:05 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:57 AM – 10:38 AM
गुलिक काल05:36 AM – 07:16 AM
यमगण्ड01:59 PM – 03:40 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:10 AM – 10:04 AM
दुर्मुहूर्त02:33 PM – 03:27 PM

दिन चौघड़िया

काल05:36 AM – 07:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:16 AM – 08:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:57 AM – 10:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:38 AM – 12:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:19 PM – 01:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:59 PM – 03:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:40 PM – 05:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:21 PM – 07:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:02 PM – 08:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:21 PM – 09:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:40 PM – 10:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:59 PM – 12:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:19 AM – 01:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:38 AM – 02:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:57 AM – 04:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:16 AM – 05:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle