VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2027-05-31

अबू धाबी पंचांग — 31 मई 2027

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · सोमवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 08:32 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 4तक 11:05 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगआयुष्मान्तक 12:38 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:32 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त07:07 PM
चन्द्रोदय01:58 AM
चन्द्रास्त02:41 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल05:43 AM – 07:21 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:15 AM – 08:57 AM
गुलिक काल02:02 PM – 03:43 PM
यमगण्ड10:38 AM – 12:20 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:53 AM – 12:47 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:30 PM – 04:24 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:34 AM – 07:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:15 AM – 08:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:57 AM – 10:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:38 AM – 12:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:20 PM – 02:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:02 PM – 03:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:43 PM – 05:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:25 PM – 07:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:07 PM – 08:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:25 PM – 09:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:43 PM – 11:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:02 PM – 12:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:20 AM – 01:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:38 AM – 02:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:57 AM – 04:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:15 AM – 05:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle