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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2027-08-10

अबू धाबी पंचांग — 10 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · मङ्गलवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 09:58 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 07:44 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगब्रह्मतक 06:25 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 09:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:55 AM
सूर्यास्त07:01 PM
चन्द्रोदय01:56 PM
चन्द्रास्त12:28 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:19 AM – 05:07 AM
अमृत काल05:54 PM – 08:29 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:44 PM – 05:22 PM
गुलिक काल12:28 PM – 02:06 PM
यमगण्ड09:11 AM – 10:49 AM
वर्ज्यम्10:10 AM – 11:53 AM
दुर्मुहूर्त11:09 AM – 12:01 PM
दुर्मुहूर्त02:39 PM – 03:31 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:55 AM – 07:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:33 AM – 09:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:11 AM – 10:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:49 AM – 12:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:28 PM – 02:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:06 PM – 03:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:44 PM – 05:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:22 PM – 07:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:01 PM – 08:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:22 PM – 09:44 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:44 PM – 11:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:06 PM – 12:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:28 AM – 01:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:49 AM – 03:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:11 AM – 04:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:33 AM – 05:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle