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VedicSpaceपंचांगआगरा › 2027-03-06

आगरा पंचांग — 6 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (27.1767°, 78.0081°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना आगरा (27.1767°, 78.0081°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 12:04 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 06:42 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशिवतक 03:05 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:04 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त06:22 PM
चन्द्रोदय05:24 AM
चन्द्रास्त04:34 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM – 05:49 AM
अमृत काल07:54 PM – 09:39 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:33 AM – 11:01 AM
गुलिक काल06:37 AM – 08:05 AM
यमगण्ड01:57 PM – 03:25 PM
वर्ज्यम्09:22 AM – 11:07 AM
दुर्मुहूर्त09:45 AM – 10:32 AM
दुर्मुहूर्त02:27 PM – 03:14 PM

दिन चौघड़िया

काल06:37 AM – 08:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:05 AM – 09:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:33 AM – 11:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:01 AM – 12:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:29 PM – 01:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:57 PM – 03:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:25 PM – 04:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:53 PM – 06:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:22 PM – 07:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:53 PM – 09:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:25 PM – 10:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:57 PM – 12:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:29 AM – 02:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:01 AM – 03:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:33 AM – 05:05 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:05 AM – 06:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle