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VedicSpaceपंचांगआगरा › 2027-03-18

आगरा पंचांग — 18 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, पुष्य नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (27.1767°, 78.0081°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना आगरा (27.1767°, 78.0081°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 01:51 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 03:21 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगअतिगण्डतक 02:34 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 03:07 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:25 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय02:18 PM
चन्द्रास्त03:18 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:02 PM – 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:49 AM – 05:37 AM
अमृत काल09:50 PM – 11:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:56 PM – 03:27 PM
गुलिक काल09:25 AM – 10:56 AM
यमगण्ड06:25 AM – 07:55 AM
वर्ज्यम्12:57 PM – 02:26 PM
दुर्मुहूर्त01:38 PM – 02:27 PM
दुर्मुहूर्त04:51 PM – 05:39 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:25 AM – 07:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:55 AM – 09:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:25 AM – 10:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:56 AM – 12:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:26 PM – 01:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:56 PM – 03:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:27 PM – 04:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:57 PM – 06:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:28 PM – 07:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:57 PM – 09:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:27 PM – 10:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:56 PM – 12:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:26 AM – 01:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:56 AM – 03:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:25 AM – 04:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:55 AM – 06:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle