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VedicSpaceपंचांगअहमदाबाद › 2026-09-21

अहमदाबाद पंचांग — 21 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · गुजरात (23.0225°, 72.5714°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अहमदाबाद (23.0225°, 72.5714°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 08:01 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 07:07 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशोभनतक 04:05 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 06:59 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त06:38 PM
चन्द्रोदय03:22 PM
चन्द्रास्त01:15 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:52 AM – 05:40 AM
अमृत काल12:30 AM – 02:16 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:59 AM – 09:30 AM
गुलिक काल02:04 PM – 03:35 PM
यमगण्ड11:01 AM – 12:33 PM
वर्ज्यम्01:54 PM – 03:40 PM
अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:57 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:23 PM – 04:12 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:28 AM – 07:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:59 AM – 09:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:30 AM – 11:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:01 AM – 12:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:33 PM – 02:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:04 PM – 03:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:35 PM – 05:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:06 PM – 06:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:38 PM – 08:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:06 PM – 09:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:35 PM – 11:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:04 PM – 12:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:33 AM – 02:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:01 AM – 03:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:30 AM – 04:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:59 AM – 06:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle