VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगअमृतसर › 2026-07-24

अमृतसर पंचांग — 24 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · शुक्रवार · पंजाब (31.634°, 74.8723°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अमृतसर (31.634°, 74.8723°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 09:13 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 04:36 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशुक्लतक 08:11 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 09:13 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:41 AM
सूर्यास्त07:33 PM
चन्द्रोदय03:43 PM
चन्द्रास्त12:48 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 01:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:05 AM – 04:53 AM
अमृत काल01:56 PM – 04:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:53 AM – 12:37 PM
गुलिक काल07:25 AM – 09:09 AM
यमगण्ड04:05 PM – 05:49 PM
वर्ज्यम्05:52 AM – 07:39 AM
दुर्मुहूर्त11:13 AM – 12:09 PM
दुर्मुहूर्त02:55 PM – 03:51 PM

दिन चौघड़िया

चर05:41 AM – 07:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:25 AM – 09:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:09 AM – 10:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:53 AM – 12:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:37 PM – 02:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:21 PM – 04:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:05 PM – 05:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:49 PM – 07:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:33 PM – 08:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:49 PM – 10:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:05 PM – 11:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:21 PM – 12:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:37 AM – 01:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:53 AM – 03:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:09 AM – 04:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:25 AM – 05:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle