VedicSpace › पंचांग › अमृतसर › 2026-08-01
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शनिवार · पंजाब (31.634°, 74.8723°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अमृतसर (31.634°, 74.8723°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 11:07 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 2 | तक 08:45 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शोभन | तक 11:23 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 10:53 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:46 AM |
| सूर्यास्त | 07:27 PM |
| चन्द्रोदय | 09:07 PM |
| चन्द्रास्त | 08:03 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 12:09 PM – 01:03 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:10 AM – 04:58 AM |
| अमृत काल | 12:57 PM – 02:38 PM |
| राहु काल | 09:11 AM – 10:53 AM |
| गुलिक काल | 05:46 AM – 07:28 AM |
| यमगण्ड | 02:19 PM – 04:01 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:24 AM – 10:19 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:53 PM – 03:48 PM |
| काल | 05:46 AM – 07:28 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:28 AM – 09:11 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:11 AM – 10:53 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:53 AM – 12:36 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:36 PM – 02:19 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:19 PM – 04:01 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:01 PM – 05:44 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:44 PM – 07:27 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:27 PM – 08:44 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:44 PM – 10:01 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:01 PM – 11:19 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:19 PM – 12:36 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:36 AM – 01:53 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:53 AM – 03:11 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:11 AM – 04:28 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:28 AM – 05:46 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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