VedicSpace › पंचांग › अमृतसर › 2026-10-03
कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शनिवार · पंजाब (31.634°, 74.8723°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अमृतसर (31.634°, 74.8723°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष सप्तमी | तक 08:00 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | आर्द्रा · पाद 1 | तक 01:29 AM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | वरीयान् | तक 03:21 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 08:00 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:25 AM |
| सूर्यास्त | 06:14 PM |
| चन्द्रोदय | 11:33 PM |
| चन्द्रास्त | 01:23 PM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:43 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:49 AM – 05:37 AM |
| अमृत काल | 04:30 PM – 06:00 PM |
| राहु काल | 09:22 AM – 10:50 AM |
| गुलिक काल | 06:25 AM – 07:53 AM |
| यमगण्ड | 01:48 PM – 03:16 PM |
| वर्ज्यम् | 07:28 AM – 08:58 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:34 AM – 10:21 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:17 PM – 03:04 PM |
| काल | 06:25 AM – 07:53 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:53 AM – 09:22 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:22 AM – 10:50 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:50 AM – 12:19 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:19 PM – 01:48 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:48 PM – 03:16 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:16 PM – 04:45 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:45 PM – 06:14 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:14 PM – 07:45 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:45 PM – 09:16 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:16 PM – 10:48 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:48 PM – 12:19 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:19 AM – 01:50 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:50 AM – 03:22 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:22 AM – 04:53 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:53 AM – 06:25 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
01 Oct 202602 Oct 202604 Oct 202605 Oct 202606 Oct 202610 Oct 2026
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना