VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगअमृतसर › 2026-10-07

अमृतसर पंचांग — 7 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, मघा नक्षत्र · बुधवार · पंजाब (31.634°, 74.8723°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अमृतसर (31.634°, 74.8723°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 11:17 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमघा · पाद 2तक 09:40 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुभतक 02:52 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 11:54 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त06:09 PM
चन्द्रोदय02:58 AM
चन्द्रास्त04:10 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:52 AM – 05:40 AM
अमृत काल07:48 PM – 09:21 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:18 PM – 01:46 PM
गुलिक काल10:50 AM – 12:18 PM
यमगण्ड07:55 AM – 09:23 AM
वर्ज्यम्10:25 AM – 11:59 AM
अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:41 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:34 AM – 10:21 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:28 AM – 07:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:55 AM – 09:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:23 AM – 10:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:50 AM – 12:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:18 PM – 01:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:46 PM – 03:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:13 PM – 04:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:41 PM – 06:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:09 PM – 07:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:41 PM – 09:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:13 PM – 10:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:46 PM – 12:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:18 AM – 01:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:50 AM – 03:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:23 AM – 04:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:55 AM – 06:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle