VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगअमृतसर › 2027-01-17

अमृतसर पंचांग — 17 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, भरणी नक्षत्र · रविवार · पंजाब (31.634°, 74.8723°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अमृतसर (31.634°, 74.8723°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 12:27 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रभरणी · पाद 2तक 10:42 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 12:23 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 12:27 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:30 AM
सूर्यास्त05:51 PM
चन्द्रोदय12:38 PM
चन्द्रास्त01:50 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:19 PM – 01:01 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:54 AM – 06:42 AM
अमृत काल07:37 PM – 09:08 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:33 PM – 05:51 PM
गुलिक काल03:15 PM – 04:33 PM
यमगण्ड12:40 PM – 01:58 PM
वर्ज्यम्10:25 AM – 11:57 AM
दुर्मुहूर्त04:28 PM – 05:09 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:30 AM – 08:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:47 AM – 10:05 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:05 AM – 11:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:22 AM – 12:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:40 PM – 01:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:58 PM – 03:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:15 PM – 04:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:33 PM – 05:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:51 PM – 07:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:33 PM – 09:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:15 PM – 10:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:58 PM – 12:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:40 AM – 02:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:22 AM – 04:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:05 AM – 05:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:47 AM – 07:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle