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VedicSpaceपंचांगअमृतसर › 2027-03-03

अमृतसर पंचांग — 3 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · पंजाब (31.634°, 74.8723°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अमृतसर (31.634°, 74.8723°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 07:24 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 2तक 10:34 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 01:06 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 06:05 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:56 AM
सूर्यास्त06:30 PM
चन्द्रोदय03:56 AM
चन्द्रास्त01:48 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:20 AM – 06:08 AM
अमृत काल06:05 PM – 07:53 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:43 PM – 02:09 PM
गुलिक काल11:16 AM – 12:43 PM
यमगण्ड08:22 AM – 09:49 AM
वर्ज्यम्07:14 AM – 09:02 AM
अभिजित मुहूर्त12:19 PM – 01:06 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:01 AM – 10:47 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:56 AM – 08:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:22 AM – 09:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:49 AM – 11:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:16 AM – 12:43 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:43 PM – 02:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:09 PM – 03:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:36 PM – 05:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:03 PM – 06:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:30 PM – 08:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:03 PM – 09:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:36 PM – 11:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:09 PM – 12:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:43 AM – 02:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:16 AM – 03:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:49 AM – 05:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:22 AM – 06:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle