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VedicSpaceपंचांगअमृतसर › 2027-03-14

अमृतसर पंचांग — 14 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · रविवार · पंजाब (31.634°, 74.8723°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अमृतसर (31.634°, 74.8723°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 12:32 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 10:23 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगविष्कुम्भतक 05:10 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:32 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:42 AM
सूर्यास्त06:38 PM
चन्द्रोदय10:04 AM
चन्द्रास्त12:52 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:16 PM – 01:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:06 AM – 05:54 AM
अमृत काल08:46 AM – 10:19 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:08 PM – 06:38 PM
गुलिक काल03:39 PM – 05:08 PM
यमगण्ड12:40 PM – 02:09 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:02 PM – 05:50 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:42 AM – 08:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:11 AM – 09:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:41 AM – 11:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:10 AM – 12:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:40 PM – 02:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:09 PM – 03:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:39 PM – 05:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:08 PM – 06:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:38 PM – 08:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:08 PM – 09:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:39 PM – 11:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:09 PM – 12:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:40 AM – 02:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:10 AM – 03:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:41 AM – 05:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:11 AM – 06:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle