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VedicSpaceपंचांगऔरंगाबाद › 2026-08-16

औरंगाबाद पंचांग — 16 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, हस्त नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (19.8762°, 75.3433°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना औरंगाबाद (19.8762°, 75.3433°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 04:53 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रहस्त · पाद 1तक 03:50 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसाध्यतक 04:08 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:53 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय09:26 AM
चन्द्रास्त09:17 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:07 PM – 12:58 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल09:53 PM – 11:30 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:21 PM – 06:57 PM
गुलिक काल03:45 PM – 05:21 PM
यमगण्ड12:33 PM – 02:09 PM
वर्ज्यम्12:30 PM – 02:08 PM
दुर्मुहूर्त05:14 PM – 06:05 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:09 AM – 07:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:45 AM – 09:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:21 AM – 10:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:57 AM – 12:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:33 PM – 02:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:09 PM – 03:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:45 PM – 05:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:21 PM – 06:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:57 PM – 08:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:21 PM – 09:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:45 PM – 11:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:09 PM – 12:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:33 AM – 01:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:57 AM – 03:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:21 AM – 04:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:45 AM – 06:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle