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VedicSpaceपंचांगऔरंगाबाद › 2027-02-21

औरंगाबाद पंचांग — 21 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, मघा नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (19.8762°, 75.3433°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना औरंगाबाद (19.8762°, 75.3433°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 02:03 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 01:51 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 11:27 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 03:26 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:54 AM
सूर्यास्त06:31 PM
चन्द्रोदय07:06 PM
चन्द्रास्त06:54 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:19 PM – 01:05 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:18 AM – 06:06 AM
अमृत काल12:34 PM – 02:01 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:03 PM – 06:31 PM
गुलिक काल03:36 PM – 05:03 PM
यमगण्ड12:42 PM – 02:09 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:58 PM – 05:44 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:54 AM – 08:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:21 AM – 09:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:48 AM – 11:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:15 AM – 12:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:42 PM – 02:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:09 PM – 03:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:36 PM – 05:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:03 PM – 06:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:31 PM – 08:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:03 PM – 09:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:36 PM – 11:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:09 PM – 12:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:42 AM – 02:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:15 AM – 03:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:48 AM – 05:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:21 AM – 06:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle