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VedicSpaceपंचांगऔरंगाबाद › 2027-06-04

औरंगाबाद पंचांग — 4 जून 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · महाराष्ट्र (19.8762°, 75.3433°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना औरंगाबाद (19.8762°, 75.3433°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 01:10 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 09:14 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसुकर्मातक 03:46 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 02:40 PMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:49 AM
सूर्यास्त07:05 PM
चन्द्रोदय04:59 AM
चन्द्रास्त06:45 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:13 AM – 05:01 AM
अमृत काल06:51 AM – 08:19 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:47 AM – 12:27 PM
गुलिक काल07:28 AM – 09:08 AM
यमगण्ड03:46 PM – 05:25 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:07 AM – 12:00 PM
दुर्मुहूर्त02:39 PM – 03:32 PM

दिन चौघड़िया

चर05:49 AM – 07:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:28 AM – 09:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:08 AM – 10:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:47 AM – 12:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:27 PM – 02:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:06 PM – 03:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:46 PM – 05:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:25 PM – 07:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:05 PM – 08:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:25 PM – 09:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:46 PM – 11:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:06 PM – 12:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:27 AM – 01:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:47 AM – 03:08 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:08 AM – 04:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:28 AM – 05:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle