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VedicSpaceपंचांगऔरंगाबाद › 2027-08-20

औरंगाबाद पंचांग — 20 अगस्त 2027

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · महाराष्ट्र (19.8762°, 75.3433°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना औरंगाबाद (19.8762°, 75.3433°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 06:53 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 07:39 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 03:04 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 06:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:10 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय08:38 PM
चन्द्रास्त08:22 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:34 AM – 05:22 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:56 AM – 12:32 PM
गुलिक काल07:45 AM – 09:21 AM
यमगण्ड03:43 PM – 05:18 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:15 AM – 12:06 PM
दुर्मुहूर्त02:39 PM – 03:30 PM

दिन चौघड़िया

चर06:10 AM – 07:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:45 AM – 09:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:21 AM – 10:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:56 AM – 12:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:32 PM – 02:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:07 PM – 03:43 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:43 PM – 05:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:18 PM – 06:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:54 PM – 08:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:18 PM – 09:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:43 PM – 11:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:07 PM – 12:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:32 AM – 01:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:56 AM – 03:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:21 AM – 04:45 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:45 AM – 06:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle