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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2026-07-23

अयोध्या पंचांग — 23 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 07:03 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 2तक 01:42 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशुभतक 07:20 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:03 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:21 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय02:03 PM
चन्द्रास्त12:31 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:40 AM – 12:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:45 AM – 04:33 AM
अमृत काल03:16 PM – 05:03 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:49 PM – 03:30 PM
गुलिक काल08:44 AM – 10:25 AM
यमगण्ड05:21 AM – 07:02 AM
वर्ज्यम्04:35 AM – 06:22 AM
दुर्मुहूर्त01:28 PM – 02:23 PM
दुर्मुहूर्त05:05 PM – 05:59 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:21 AM – 07:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:02 AM – 08:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:44 AM – 10:25 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:25 AM – 12:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:07 PM – 01:49 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:49 PM – 03:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:30 PM – 05:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:12 PM – 06:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:54 PM – 08:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:12 PM – 09:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:30 PM – 10:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:49 PM – 12:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:07 AM – 01:25 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:25 AM – 02:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:44 AM – 04:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:02 AM – 05:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle