VedicSpace › पंचांग › अयोध्या › 2026-10-04
कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष नवमी | तक 03:54 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | रविवार | — | अधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण। |
| नक्षत्र | पुनर्वसु · पाद 1 | तक 12:14 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | परिघ | तक 12:32 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | तैतिल | तक 04:51 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:55 AM |
| सूर्यास्त | 05:45 PM |
| चन्द्रोदय | 12:23 AM |
| चन्द्रास्त | 01:33 PM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:26 AM – 12:13 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:19 AM – 05:07 AM |
| अमृत काल | 09:52 PM – 11:23 PM |
| राहु काल | 04:16 PM – 05:45 PM |
| गुलिक काल | 02:47 PM – 04:16 PM |
| यमगण्ड | 11:50 AM – 01:18 PM |
| वर्ज्यम् | 12:46 PM – 02:17 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:10 PM – 04:57 PM |
| उद्वेग | 05:55 AM – 07:23 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 07:23 AM – 08:52 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:52 AM – 10:21 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:21 AM – 11:50 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:50 AM – 01:18 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:18 PM – 02:47 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:47 PM – 04:16 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:16 PM – 05:45 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:45 PM – 07:16 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:16 PM – 08:47 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:47 PM – 10:18 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:18 PM – 11:50 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:50 PM – 01:21 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:21 AM – 02:52 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:52 AM – 04:23 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:23 AM – 05:55 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
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