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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2026-10-21

अयोध्या पंचांग — 21 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 02:12 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 07:48 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगगण्डतक 12:33 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 02:12 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त05:28 PM
चन्द्रोदय02:32 PM
चन्द्रास्त01:04 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल08:46 AM – 10:28 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:46 AM – 01:11 PM
गुलिक काल10:20 AM – 11:46 AM
यमगण्ड07:29 AM – 08:55 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:23 AM – 12:08 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:06 AM – 09:52 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:04 AM – 07:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:29 AM – 08:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:55 AM – 10:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:20 AM – 11:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:46 AM – 01:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:11 PM – 02:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:37 PM – 04:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:02 PM – 05:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:28 PM – 07:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:02 PM – 08:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:37 PM – 10:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:11 PM – 11:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:46 PM – 01:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:20 AM – 02:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:55 AM – 04:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:29 AM – 06:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle