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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2026-11-15

अयोध्या पंचांग — 15 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 02:01 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 2तक 11:29 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशूलतक 06:22 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 12:44 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:20 AM
सूर्यास्त05:11 PM
चन्द्रोदय11:21 AM
चन्द्रास्त09:58 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:23 AM – 12:07 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:44 AM – 05:32 AM
अमृत काल04:36 PM – 06:24 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:49 PM – 05:11 PM
गुलिक काल02:28 PM – 03:49 PM
यमगण्ड11:45 AM – 01:06 PM
वर्ज्यम्05:47 AM – 07:35 AM
दुर्मुहूर्त03:44 PM – 04:27 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:20 AM – 07:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:41 AM – 09:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:02 AM – 10:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:24 AM – 11:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:45 AM – 01:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:06 PM – 02:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:28 PM – 03:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:49 PM – 05:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:11 PM – 06:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:49 PM – 08:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:28 PM – 10:06 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:06 PM – 11:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:45 PM – 01:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:24 AM – 03:02 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:02 AM – 04:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:41 AM – 06:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle