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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2027-02-18

अयोध्या पंचांग — 18 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 02:28 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 2तक 09:06 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 10:50 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 02:28 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:35 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चन्द्रोदय03:07 PM
चन्द्रास्त04:17 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:59 AM – 05:47 AM
अमृत काल07:31 PM – 08:57 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:40 PM – 03:05 PM
गुलिक काल09:25 AM – 10:50 AM
यमगण्ड06:35 AM – 08:00 AM
वर्ज्यम्10:53 AM – 12:19 PM
दुर्मुहूर्त01:23 PM – 02:08 PM
दुर्मुहूर्त04:24 PM – 05:09 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:35 AM – 08:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:00 AM – 09:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:25 AM – 10:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:50 AM – 12:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:15 PM – 01:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:40 PM – 03:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:05 PM – 04:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:30 PM – 05:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:55 PM – 07:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:30 PM – 09:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:05 PM – 10:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:40 PM – 12:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:15 AM – 01:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:50 AM – 03:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:25 AM – 05:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:00 AM – 06:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle