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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2027-02-27

अयोध्या पंचांग — 27 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 09:55 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 11:40 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्याघाततक 10:08 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:13 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:27 AM
सूर्यास्त06:01 PM
चन्द्रोदय12:38 AM
चन्द्रास्त10:09 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:51 AM – 05:39 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:20 AM – 10:47 AM
गुलिक काल06:27 AM – 07:53 AM
यमगण्ड01:40 PM – 03:07 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:32 AM – 10:18 AM
दुर्मुहूर्त02:09 PM – 02:55 PM

दिन चौघड़िया

काल06:27 AM – 07:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:53 AM – 09:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:20 AM – 10:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:47 AM – 12:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:14 PM – 01:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:40 PM – 03:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:07 PM – 04:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:34 PM – 06:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:01 PM – 07:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:34 PM – 09:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:07 PM – 10:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:40 PM – 12:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:14 AM – 01:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:47 AM – 03:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:20 AM – 04:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:53 AM – 06:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle