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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2027-05-30

अयोध्या पंचांग — 30 मई 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 09:35 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 11:32 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगप्रीतितक 03:15 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 09:35 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:08 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय01:03 AM
चन्द्रास्त01:21 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:31 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:32 AM – 04:20 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:07 PM – 06:50 PM
गुलिक काल03:24 PM – 05:07 PM
यमगण्ड11:59 AM – 01:41 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:00 PM – 05:55 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:08 AM – 06:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:50 AM – 08:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:33 AM – 10:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:16 AM – 11:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:59 AM – 01:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:41 PM – 03:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:24 PM – 05:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:07 PM – 06:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:50 PM – 08:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:07 PM – 09:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:24 PM – 10:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:41 PM – 11:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:59 PM – 01:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:16 AM – 02:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:33 AM – 03:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:50 AM – 05:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle