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VedicSpaceपंचांगअयोध्या › 2027-06-18

अयोध्या पंचांग — 18 जून 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (26.7922°, 82.1998°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अयोध्या (26.7922°, 82.1998°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 06:14 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 2तक 11:40 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुभतक 06:18 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 05:21 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:07 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय06:43 PM
चन्द्रास्त04:03 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:34 AM – 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:31 AM – 04:19 AM
अमृत काल01:10 PM – 02:55 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:18 AM – 12:02 PM
गुलिक काल06:50 AM – 08:34 AM
यमगण्ड03:29 PM – 05:13 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:39 AM – 11:34 AM
दुर्मुहूर्त02:20 PM – 03:15 PM

दिन चौघड़िया

चर05:07 AM – 06:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:50 AM – 08:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:34 AM – 10:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:18 AM – 12:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:02 PM – 01:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:45 PM – 03:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:29 PM – 05:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:13 PM – 06:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:57 PM – 08:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:13 PM – 09:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:29 PM – 10:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:45 PM – 12:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:02 AM – 01:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:18 AM – 02:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:34 AM – 03:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:50 AM – 05:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle