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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2026-04-17

बैंकॉक पंचांग — 17 अप्रैल 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, रेवती नक्षत्र · शुक्रवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 06:51 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्ररेवती · पाद 3तक 01:32 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवैधृतितक 08:51 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणचतुष्पादतक 08:20 AMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:32 PM
चन्द्रोदय05:38 AM
चन्द्रास्त06:20 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:53 AM – 12:42 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल11:25 AM – 12:52 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:44 AM – 12:18 PM
गुलिक काल07:37 AM – 09:11 AM
यमगण्ड03:25 PM – 04:58 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:03 AM – 11:53 AM
दुर्मुहूर्त02:22 PM – 03:12 PM

दिन चौघड़िया

चर06:04 AM – 07:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:37 AM – 09:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:11 AM – 10:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:44 AM – 12:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:18 PM – 01:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:51 PM – 03:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:25 PM – 04:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:58 PM – 06:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:32 PM – 07:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:58 PM – 09:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:25 PM – 10:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:51 PM – 12:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:18 AM – 01:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:44 AM – 03:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:11 AM – 04:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:37 AM – 06:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle