VedicSpace › पंचांग › बैंकॉक › 2026-05-02
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, स्वाती नक्षत्र · शनिवार · (13.7563°, 100.5018°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष प्रतिपदा | तक 02:20 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | स्वाती · पाद 4 | तक 06:05 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | व्यतीपात | तक 11:14 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बालव | तक 01:19 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:56 AM |
| सूर्यास्त | 06:34 PM |
| चन्द्रोदय | 07:12 PM |
| चन्द्रास्त | 05:54 AM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | मेष |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 AM – 12:40 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:20 AM – 05:08 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 09:05 AM – 10:40 AM |
| गुलिक काल | 05:56 AM – 07:30 AM |
| यमगण्ड | 01:49 PM – 03:24 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:18 AM – 10:08 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:21 PM – 03:11 PM |
| काल | 05:56 AM – 07:30 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:30 AM – 09:05 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:05 AM – 10:40 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:40 AM – 12:15 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:15 PM – 01:49 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:49 PM – 03:24 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:24 PM – 04:59 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:59 PM – 06:34 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:34 PM – 07:59 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:59 PM – 09:24 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:24 PM – 10:49 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:49 PM – 12:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:15 AM – 01:40 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:40 AM – 03:05 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:05 AM – 04:30 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:30 AM – 05:56 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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