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बैंकॉक पंचांग — 11 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, चित्रा नक्षत्र · रविवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 11:01 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रचित्रा · पाद 2तक 12:02 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवैधृतितक 10:35 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणकिंस्तुघ्नतक 10:52 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त06:01 PM
चन्द्रोदय06:29 AM
चन्द्रास्त06:16 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:40 AM – 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM – 05:20 AM
अमृत काल05:32 PM – 07:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:31 PM – 06:01 PM
गुलिक काल03:02 PM – 04:31 PM
यमगण्ड12:04 PM – 01:33 PM
वर्ज्यम्07:34 AM – 09:14 AM
दुर्मुहूर्त04:25 PM – 05:13 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:08 AM – 07:37 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:37 AM – 09:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:06 AM – 10:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:35 AM – 12:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 PM – 01:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:33 PM – 03:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:02 PM – 04:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:31 PM – 06:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:01 PM – 07:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:31 PM – 09:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:02 PM – 10:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:33 PM – 12:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:04 AM – 01:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:35 AM – 03:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:06 AM – 04:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:37 AM – 06:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle