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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2026-10-22

बैंकॉक पंचांग — 22 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · गुरुवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 04:18 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 2तक 10:19 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवृद्धितक 01:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:18 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:10 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चन्द्रोदय03:11 PM
चन्द्रास्त02:25 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:39 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:34 AM – 05:22 AM
अमृत काल03:01 PM – 04:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:30 PM – 02:58 PM
गुलिक काल09:06 AM – 10:34 AM
यमगण्ड06:10 AM – 07:38 AM
वर्ज्यम्05:04 AM – 06:43 AM
दुर्मुहूर्त01:13 PM – 02:00 PM
दुर्मुहूर्त04:21 PM – 05:08 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:10 AM – 07:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:38 AM – 09:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:06 AM – 10:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:34 AM – 12:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:02 PM – 01:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:30 PM – 02:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:58 PM – 04:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:26 PM – 05:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:55 PM – 07:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:26 PM – 08:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:58 PM – 10:30 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:30 PM – 12:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:02 AM – 01:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:34 AM – 03:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:06 AM – 04:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:38 AM – 06:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle