VedicSpace › पंचांग › बैंकॉक › 2026-11-02
कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · सोमवार · (13.7563°, 100.5018°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अष्टमी | तक 02:41 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | पुष्य · पाद 4 | तक 06:00 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | शुभ | तक 01:36 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | कौलव | तक 02:41 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:13 AM |
| सूर्यास्त | 05:50 PM |
| चन्द्रोदय | 12:57 AM |
| चन्द्रास्त | 12:56 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:37 AM – 05:25 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 07:40 AM – 09:07 AM |
| गुलिक काल | 01:28 PM – 02:55 PM |
| यमगण्ड | 10:34 AM – 12:01 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:38 AM – 12:24 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:44 PM – 03:30 PM |
| अमृत | 06:13 AM – 07:40 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:40 AM – 09:07 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:07 AM – 10:34 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:34 AM – 12:01 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:01 PM – 01:28 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:28 PM – 02:55 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:55 PM – 04:22 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:22 PM – 05:50 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 05:50 PM – 07:22 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:22 PM – 08:55 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:55 PM – 10:28 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:28 PM – 12:01 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:01 AM – 01:34 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:34 AM – 03:07 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:07 AM – 04:40 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:40 AM – 06:13 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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