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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2026-11-23

बैंकॉक पंचांग — 23 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, भरणी नक्षत्र · सोमवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 01:12 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रभरणी · पाद 1तक 03:32 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 09:28 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:44 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:21 AM
सूर्यास्त05:47 PM
चन्द्रोदय04:32 PM
चन्द्रास्त04:36 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:45 AM – 05:33 AM
अमृत काल11:32 PM – 12:59 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:46 AM – 09:12 AM
गुलिक काल01:29 PM – 02:55 PM
यमगण्ड10:38 AM – 12:04 PM
वर्ज्यम्02:49 PM – 04:16 PM
अभिजित मुहूर्त11:41 AM – 12:26 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:44 PM – 03:29 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:21 AM – 07:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:46 AM – 09:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:12 AM – 10:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:38 AM – 12:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:04 PM – 01:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:29 PM – 02:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:55 PM – 04:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:21 PM – 05:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:47 PM – 07:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:21 PM – 08:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:55 PM – 10:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:29 PM – 12:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:04 AM – 01:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:38 AM – 03:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:12 AM – 04:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:46 AM – 06:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle