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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2027-01-26

बैंकॉक पंचांग — 26 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · मङ्गलवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 07:30 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 1तक 01:37 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगअतिगण्डतक 09:48 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 07:30 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:46 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चन्द्रोदय10:06 PM
चन्द्रास्त09:29 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:07 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:10 AM – 05:58 AM
अमृत काल07:26 PM – 08:59 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:22 PM – 04:48 PM
गुलिक काल12:30 PM – 01:56 PM
यमगण्ड09:38 AM – 11:04 AM
वर्ज्यम्10:12 AM – 11:44 AM
दुर्मुहूर्त11:21 AM – 12:07 PM
दुर्मुहूर्त02:25 PM – 03:11 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:46 AM – 08:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:12 AM – 09:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:38 AM – 11:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:04 AM – 12:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:30 PM – 01:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:56 PM – 03:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:22 PM – 04:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:48 PM – 06:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:15 PM – 07:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:48 PM – 09:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:22 PM – 10:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:56 PM – 12:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:30 AM – 02:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:04 AM – 03:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:38 AM – 05:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:12 AM – 06:46 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle