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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2027-02-12

बैंकॉक पंचांग — 12 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, रेवती नक्षत्र · शुक्रवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 04:29 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्ररेवती · पाद 4तक 07:12 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशुभतक 08:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 04:43 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:42 AM
सूर्यास्त06:22 PM
चन्द्रोदय10:08 AM
चन्द्रास्त10:57 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:06 AM – 05:54 AM
अमृत काल05:27 AM – 07:05 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:04 AM – 12:32 PM
गुलिक काल08:09 AM – 09:37 AM
यमगण्ड03:27 PM – 04:54 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:22 AM – 12:08 PM
दुर्मुहूर्त02:28 PM – 03:15 PM

दिन चौघड़िया

चर06:42 AM – 08:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:09 AM – 09:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:37 AM – 11:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:04 AM – 12:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:32 PM – 01:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:59 PM – 03:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:27 PM – 04:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:54 PM – 06:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:22 PM – 07:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:54 PM – 09:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:27 PM – 10:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:59 PM – 12:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:32 AM – 02:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:04 AM – 03:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:37 AM – 05:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:09 AM – 06:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle