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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2027-03-04

बैंकॉक पंचांग — 4 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 08:54 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 03:05 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवरीयान्तक 03:30 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:54 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:33 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय03:41 AM
चन्द्रास्त03:07 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:57 AM – 05:45 AM
अमृत काल08:26 PM – 10:14 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:59 PM – 03:28 PM
गुलिक काल09:31 AM – 11:00 AM
यमगण्ड06:33 AM – 08:02 AM
वर्ज्यम्09:38 AM – 11:26 AM
दुर्मुहूर्त01:41 PM – 02:29 PM
दुर्मुहूर्त04:51 PM – 05:39 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:33 AM – 08:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:02 AM – 09:31 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:31 AM – 11:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:00 AM – 12:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:30 PM – 01:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:59 PM – 03:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:28 PM – 04:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:57 PM – 06:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:27 PM – 07:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:57 PM – 09:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:28 PM – 10:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:59 PM – 12:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:30 AM – 02:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:00 AM – 03:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:31 AM – 05:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:02 AM – 06:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle