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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2027-03-23

बैंकॉक पंचांग — 23 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, हस्त नक्षत्र · मङ्गलवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 03:58 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रहस्त · पाद 2तक 09:19 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवृद्धितक 12:57 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 03:58 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:20 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चन्द्रोदय07:23 PM
चन्द्रास्त06:33 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:48 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:44 AM – 05:32 AM
अमृत काल03:52 PM – 05:25 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:26 PM – 04:57 PM
गुलिक काल12:24 PM – 01:55 PM
यमगण्ड09:22 AM – 10:53 AM
वर्ज्यम्07:00 AM – 08:33 AM
दुर्मुहूर्त11:11 AM – 12:00 PM
दुर्मुहूर्त02:26 PM – 03:14 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:20 AM – 07:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:51 AM – 09:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:22 AM – 10:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:53 AM – 12:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:24 PM – 01:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:55 PM – 03:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:26 PM – 04:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:57 PM – 06:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:29 PM – 07:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:57 PM – 09:26 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:26 PM – 10:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:55 PM – 12:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:24 AM – 01:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:53 AM – 03:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:22 AM – 04:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:51 AM – 06:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle