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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2027-05-14

बैंकॉक पंचांग — 14 मई 2027

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, मघा नक्षत्र · शुक्रवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 09:09 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 02:12 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 10:20 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 09:56 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:52 AM
सूर्यास्त06:37 PM
चन्द्रोदय01:20 PM
चन्द्रास्त01:06 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:49 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:16 AM – 05:04 AM
अमृत काल11:45 AM – 01:18 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:38 AM – 12:14 PM
गुलिक काल07:27 AM – 09:03 AM
यमगण्ड03:25 PM – 05:01 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:58 AM – 11:49 AM
दुर्मुहूर्त02:22 PM – 03:13 PM

दिन चौघड़िया

चर05:52 AM – 07:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:27 AM – 09:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:03 AM – 10:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:38 AM – 12:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:14 PM – 01:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:50 PM – 03:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:25 PM – 05:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:01 PM – 06:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:37 PM – 08:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:01 PM – 09:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:25 PM – 10:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:50 PM – 12:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:14 AM – 01:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:38 AM – 03:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:03 AM – 04:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:27 AM – 05:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle