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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2027-07-11

बैंकॉक पंचांग — 11 जुलाई 2027

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, चित्रा नक्षत्र · रविवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 01:20 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रचित्रा · पाद 1तक 12:35 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशिवतक 04:06 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 01:20 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:57 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय12:43 PM
चन्द्रास्त12:27 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:21 AM – 05:09 AM
अमृत काल06:03 PM – 07:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:13 PM – 06:50 PM
गुलिक काल03:36 PM – 05:13 PM
यमगण्ड12:23 PM – 02:00 PM
वर्ज्यम्08:20 AM – 09:57 AM
दुर्मुहूर्त05:06 PM – 05:58 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:57 AM – 07:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:33 AM – 09:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:10 AM – 10:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:46 AM – 12:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:23 PM – 02:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:00 PM – 03:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:36 PM – 05:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:13 PM – 06:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:50 PM – 08:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:13 PM – 09:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:36 PM – 11:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:00 PM – 12:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:23 AM – 01:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:46 AM – 03:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:10 AM – 04:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:33 AM – 05:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle