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VedicSpaceपंचांगबेंगलुरु › 2026-07-03

बेंगलुरु पंचांग — 3 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, श्रवण नक्षत्र · शुक्रवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 11:20 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रश्रवण · पाद 4तक 11:46 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगविष्कुम्भतक 04:59 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 11:20 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:57 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय09:31 PM
चन्द्रास्त08:30 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:21 AM – 05:09 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:46 AM – 12:23 PM
गुलिक काल07:33 AM – 09:10 AM
यमगण्ड03:36 PM – 05:13 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:06 AM – 11:57 AM
दुर्मुहूर्त02:32 PM – 03:23 PM

दिन चौघड़िया

चर05:57 AM – 07:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:33 AM – 09:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:10 AM – 10:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:46 AM – 12:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:23 PM – 02:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:00 PM – 03:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:36 PM – 05:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:13 PM – 06:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:50 PM – 08:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:13 PM – 09:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:36 PM – 11:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:00 PM – 12:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:23 AM – 01:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:46 AM – 03:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:10 AM – 04:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:33 AM – 05:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle