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VedicSpaceपंचांगबेंगलुरु › 2026-08-23

बेंगलुरु पंचांग — 23 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, मूल नक्षत्र · रविवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 04:19 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 05:44 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 06:14 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 03:11 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त06:36 PM
चन्द्रोदय03:13 PM
चन्द्रास्त01:41 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM – 05:20 AM
अमृत काल10:42 AM – 12:30 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:02 PM – 06:36 PM
गुलिक काल03:29 PM – 05:02 PM
यमगण्ड12:22 PM – 01:55 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:56 PM – 05:46 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:08 AM – 07:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:41 AM – 09:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:15 AM – 10:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:48 AM – 12:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:22 PM – 01:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:55 PM – 03:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:29 PM – 05:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:02 PM – 06:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:36 PM – 08:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:02 PM – 09:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:29 PM – 10:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:55 PM – 12:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:22 AM – 01:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:48 AM – 03:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:15 AM – 04:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:41 AM – 06:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle